महात्मा गाँधी के अनुरोध पर प्रो.धर्मपाल ने लन्दन, फ्रांस, जर्मनी आदि देशो में शोध में पाया की भारत में "अंग्रेजो के आने से पहले भारत की शिक्षा व्यवस्था बहुत ही अच्छी थी"
मेकाले ने भारत में शिक्षा व्यवस्था में खोज कर १७८० पेज का प्रतिवेदन तैयार किया जिसे उसके बॉस विलियम एडम ने अंग्रेजो की संसद में पेश किया ,एवं मेकाले ने २ फरवरी,१८३५ को भाषण दिया व् सांसदों के प्रश्नों के उतर भी दिए जो वहा आज भी सुरक्षित है.
मेकाले ने कहा -
१- मैंने पूरा भारत देखा, लेकिन भारत देश में कही भी किसी स्थान पर भिखारी देखने को नहीं मिला.
२- सूरत शहर में जितनी सम्पति है, उतनी यूरोप में सभी शहरो की सम्पति भी नहीं है.
३. भारत में लगभग शत-प्रतिशत साक्षरता है. दक्षिण भारत में साक्षरता १०० प्रतिशत अर्थात कर्णाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु तथा केरल. पश्चिम भारत में ९८ प्रतिशत है. उतर भारत में लगभग ८२ प्रतिशत, मध्य भारत में ८७ प्रतिशत साक्षरता है. में कह सकता हु की लगभग सम्पूर्ण भारत साक्षर है.
४- भारत में ७ लाख ३२ हजार रेवेन्यु वाले गाँव है और कोई भी गाँव ऐसा नहीं है जहा स्कुल नहीं है. स्कुल को गुरुकुल कहा जाता है. सभी वर्गों को शिक्षा दी जाती है.
५- एक गुरुकुल में २०० से लेकर बीस हजार तक छात्र पढ़ते है जिसमे मोनिटोरियम शिक्षण पद्वति है.
६- गुरुकुल में विद्या और शिक्षा दोनों प्रदान की जाती है. नैतिकता, आध्यात्मिकता, न्याय आदि को सिखाना विद्या है. गणित, रसायन शास्त्र, विज्ञानं आदि को सिखाना शिक्षा है.
७. गुरुकुल में १८ विषय गणित, खगोल शास्त्र, धातु विज्ञानं, कारीगरी - इंजीनियरिंग , रसायन शास्त्र, चिकित्सा शास्त्र आदि पढाये जाते है. एक विषय पूरा होने पर दूसरा विषय पढाया जाता है.
८. भारत में अभी (सन १८३५ ई.में ) १५,८०० हायर स्टडीज सेंटर अर्थात विश्व विद्यालय है.
ब्रिटेन के शिक्षा मंत्री ने कहा - 'भारत में अभी १०० प्रतिशत साक्षरता है और ब्रिटेन में १७ प्रतिशत से भी कम साक्षरता है, तब ब्रिटेन में मात्र २४० स्कुल है जबकि भारत में ७ लाख ३२ हजार से भी अधिक स्कुल है.
चिकित्सशात्र-पद्वति -- मेकाले ने बताया - काँगड़ा विश्व विद्यालय (हिमाचल) सर्जरी-शिक्षा के लिए प्रसिद्द है, जिसे रायनोप्लास्ती कहते है. मैंने अपनी आँखों से देखा - पैर के हिस्से की चमड़ी निकाल कर नाक में लगायी गयी और वह २१ दिन में पूरी तरह ठीक हो गयी. पता ही नहीं चला की कोई ओपरेशन हुआ है. हमारे यहाँ (इंग्लेंड) में जब बुखार आता है और में डॉक्टर के यहाँ जाता हु तो वह हिप्पोक्रेटीस मेडिसिन सिस्टम के अनुसार मेरे हाथ की नस काट देते है, उसमेसे खून निकलने लगता है. डॉक्टर कहता है - जब तक तुम्हारा दूषित खून नहीं निकलेगा, तुम ठीक नहीं होगे. भारत में कुछ चूर्ण खिलने से ही बुखार ठीक हो जाता है. मेटलर्जी की शिक्षा गुरुकुलो में दी जाती है, बिना जंग का लोहा बनाने की तकनीक भारत से ही आयी है. उसे आज देखना हो तो महरौली का स्तम्भ खड़ा है.
विलियम एडम के दस्तावेजो के अनुसार आंध्र प्रदेश में कावेरी नदी के पास विशाखापत्तनम से थोड़ी दूर पर एक गुरुकुल है - सिविल इंजीनिरिंग का. इस गुरुकुल के आचार्यो एवं विद्यार्थियों ने मिलकर सन १२३८ ई. में दुनिया का पहला बांध बनाया.
कृषि - भारत में सन १८३५ ई. में एक एकड़ जमींन में ५६ क्विंटल चावल पैदा होता था. वर्तमान में कोई भी विश्वविद्यालय एक एकड़ जमीन में ३० क्विंटल से ज्यादा चावल पैदा करने की तकनीक नहीं विकसित कर पाया है.
मेकाले ने कहा - "भारत को यदि गुलाम बनाना है तो इस शिक्षा व्यवस्था को तब तक हम नही तोड़ेगे, तब तक भारत गुलाम नहीं बन सकता".
तब ब्रिटिश सरकार ने भारतीय शिक्षा अधिनियम के द्वारा संस्कृत एवं स्थानीय भाषा के द्वारा जो शिक्षा दी जाती थी, उस गैर कानूनी घोषित कर भारतीय शिक्षा पद्वति और गुरुकुलो को तहस-नहस कर दिया और अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा-पद्वति लागू कर दी.
भारतीय शिक्षा-पद्वति अंग्रेजो की शिक्षा पद्वति के पहले अत्यधिक समृद्व थी. १७ प्रतिशत साक्षर अंग्रेज १०० प्रतिशत सक्स्झार भार्तिउयो की शिक्षा व्यवस्था को तोड़कर चले गए. उनकी जिस शिक्षा पद्वति से विकसित भारत विकासशील देशो की श्रेणी में आकर खड़ा हो गया, आज भी हम उसका अन्धानुकरण कर रहे है, जो की अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है. जब भारतीय भाषाओ के माध्यम से शिक्षा दी जाती थी, तब देश सर्वाधिक विकसित था. अब हमें प्राचीन भारतीय शिक्षा को पुनः व्यावहारिक रुप में क्रियान्वित करने की आवश्यकता है.
आभार - (श्री अनुरागजी चौधरी के कल्याण में प्रकाशित लेख से वर्ष ८८ अंक 4)
मेकाले ने भारत में शिक्षा व्यवस्था में खोज कर १७८० पेज का प्रतिवेदन तैयार किया जिसे उसके बॉस विलियम एडम ने अंग्रेजो की संसद में पेश किया ,एवं मेकाले ने २ फरवरी,१८३५ को भाषण दिया व् सांसदों के प्रश्नों के उतर भी दिए जो वहा आज भी सुरक्षित है.
मेकाले ने कहा -
१- मैंने पूरा भारत देखा, लेकिन भारत देश में कही भी किसी स्थान पर भिखारी देखने को नहीं मिला.
२- सूरत शहर में जितनी सम्पति है, उतनी यूरोप में सभी शहरो की सम्पति भी नहीं है.
३. भारत में लगभग शत-प्रतिशत साक्षरता है. दक्षिण भारत में साक्षरता १०० प्रतिशत अर्थात कर्णाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु तथा केरल. पश्चिम भारत में ९८ प्रतिशत है. उतर भारत में लगभग ८२ प्रतिशत, मध्य भारत में ८७ प्रतिशत साक्षरता है. में कह सकता हु की लगभग सम्पूर्ण भारत साक्षर है.
४- भारत में ७ लाख ३२ हजार रेवेन्यु वाले गाँव है और कोई भी गाँव ऐसा नहीं है जहा स्कुल नहीं है. स्कुल को गुरुकुल कहा जाता है. सभी वर्गों को शिक्षा दी जाती है.
५- एक गुरुकुल में २०० से लेकर बीस हजार तक छात्र पढ़ते है जिसमे मोनिटोरियम शिक्षण पद्वति है.
६- गुरुकुल में विद्या और शिक्षा दोनों प्रदान की जाती है. नैतिकता, आध्यात्मिकता, न्याय आदि को सिखाना विद्या है. गणित, रसायन शास्त्र, विज्ञानं आदि को सिखाना शिक्षा है.
७. गुरुकुल में १८ विषय गणित, खगोल शास्त्र, धातु विज्ञानं, कारीगरी - इंजीनियरिंग , रसायन शास्त्र, चिकित्सा शास्त्र आदि पढाये जाते है. एक विषय पूरा होने पर दूसरा विषय पढाया जाता है.
८. भारत में अभी (सन १८३५ ई.में ) १५,८०० हायर स्टडीज सेंटर अर्थात विश्व विद्यालय है.
ब्रिटेन के शिक्षा मंत्री ने कहा - 'भारत में अभी १०० प्रतिशत साक्षरता है और ब्रिटेन में १७ प्रतिशत से भी कम साक्षरता है, तब ब्रिटेन में मात्र २४० स्कुल है जबकि भारत में ७ लाख ३२ हजार से भी अधिक स्कुल है.
चिकित्सशात्र-पद्वति -- मेकाले ने बताया - काँगड़ा विश्व विद्यालय (हिमाचल) सर्जरी-शिक्षा के लिए प्रसिद्द है, जिसे रायनोप्लास्ती कहते है. मैंने अपनी आँखों से देखा - पैर के हिस्से की चमड़ी निकाल कर नाक में लगायी गयी और वह २१ दिन में पूरी तरह ठीक हो गयी. पता ही नहीं चला की कोई ओपरेशन हुआ है. हमारे यहाँ (इंग्लेंड) में जब बुखार आता है और में डॉक्टर के यहाँ जाता हु तो वह हिप्पोक्रेटीस मेडिसिन सिस्टम के अनुसार मेरे हाथ की नस काट देते है, उसमेसे खून निकलने लगता है. डॉक्टर कहता है - जब तक तुम्हारा दूषित खून नहीं निकलेगा, तुम ठीक नहीं होगे. भारत में कुछ चूर्ण खिलने से ही बुखार ठीक हो जाता है. मेटलर्जी की शिक्षा गुरुकुलो में दी जाती है, बिना जंग का लोहा बनाने की तकनीक भारत से ही आयी है. उसे आज देखना हो तो महरौली का स्तम्भ खड़ा है.
विलियम एडम के दस्तावेजो के अनुसार आंध्र प्रदेश में कावेरी नदी के पास विशाखापत्तनम से थोड़ी दूर पर एक गुरुकुल है - सिविल इंजीनिरिंग का. इस गुरुकुल के आचार्यो एवं विद्यार्थियों ने मिलकर सन १२३८ ई. में दुनिया का पहला बांध बनाया.
कृषि - भारत में सन १८३५ ई. में एक एकड़ जमींन में ५६ क्विंटल चावल पैदा होता था. वर्तमान में कोई भी विश्वविद्यालय एक एकड़ जमीन में ३० क्विंटल से ज्यादा चावल पैदा करने की तकनीक नहीं विकसित कर पाया है.
मेकाले ने कहा - "भारत को यदि गुलाम बनाना है तो इस शिक्षा व्यवस्था को तब तक हम नही तोड़ेगे, तब तक भारत गुलाम नहीं बन सकता".
तब ब्रिटिश सरकार ने भारतीय शिक्षा अधिनियम के द्वारा संस्कृत एवं स्थानीय भाषा के द्वारा जो शिक्षा दी जाती थी, उस गैर कानूनी घोषित कर भारतीय शिक्षा पद्वति और गुरुकुलो को तहस-नहस कर दिया और अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा-पद्वति लागू कर दी.
भारतीय शिक्षा-पद्वति अंग्रेजो की शिक्षा पद्वति के पहले अत्यधिक समृद्व थी. १७ प्रतिशत साक्षर अंग्रेज १०० प्रतिशत सक्स्झार भार्तिउयो की शिक्षा व्यवस्था को तोड़कर चले गए. उनकी जिस शिक्षा पद्वति से विकसित भारत विकासशील देशो की श्रेणी में आकर खड़ा हो गया, आज भी हम उसका अन्धानुकरण कर रहे है, जो की अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है. जब भारतीय भाषाओ के माध्यम से शिक्षा दी जाती थी, तब देश सर्वाधिक विकसित था. अब हमें प्राचीन भारतीय शिक्षा को पुनः व्यावहारिक रुप में क्रियान्वित करने की आवश्यकता है.
आभार - (श्री अनुरागजी चौधरी के कल्याण में प्रकाशित लेख से वर्ष ८८ अंक 4)